नगर बरप

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हुपून वचात: दिशा-नियंत्रण, सोद

गुरुतू[बदल]

देवनागरी लिपीक कोंकणीतनगर बरप आप्पयतात। हांतूं भारतीय भास मात्र न्हय, बल्कि कॆलवु युरोपीय भास सुद्दंय बरंयताति।

हॆं लिपि दावॆंधक्कुन उज्जॆक बरंयताति। हाज्जॆं विकास ब्राह्मि बरपांथांवुनु ज़ाल्लॆं आनि हॆं एक ध्वनियात्मक लिपि (Phonetic Script) आस्स। अन्य लिपिंपशिनॆं नगर बरप बरंवचॆक सुलभ आस्स आनि प्रतियॆकळॆ उच्चार हांतुं आस्स-तश्शि बरंवचॆक ज़ात्ता।


कॊंकणिलॆं आधिरारिक लिपि देवनागरि लिपि (नगर बरप) आस्स। कॊंकणिंतुं सॊळा(१६) पाळ स्वर(पाळ-root), ३६ व्यंजन, ५ अर्ध-स्वर, ३ अनुस्वर आनि १ विसर्ग आस्सति। अनुनासिकृत स्वर (नांकांथांवुनु उल्लंवचॆं) कॊंकणिलॆं विशेषता।

कॊंकणि ध्वनिपद्धतिलॆं वैशिष्ट्य, हिंदि आनि मराठि हांतुं schwaलॆं प्रयोजन ज़ात्ता हाज्जॆ बदलाक, हाज्जॆं प्रयोजनांतुं आस्स। अनुनासिकरण सोडुनु व्हरलॆलॆं सकड स्वरांक लागता।

रचना[बदल]

नगर बरपाक वर्णावळ अथवा अक्षरावळ सुद्दंय आप्पयताति। स्वर आनि व्यंजनालॆ एकओट्टाक अक्षर म्हणताति। नगर बरपालॆं अक्षरांगॆलॆं तोग्गु म्हणकॆ वर्गिकरण ज़ात्ता-


स्वर आनि मात्रा[बदल]

विंगड रूप रोमिकृत प ओट्टु ज़ोडुनु विंगड रूप रोमिकृत प ओट्टु ज़ोडुनु
कंठ्य
(Guttural)
a ā पा
तालव्य
(Palatal)
i पि ī पी
औष्ठ्य
(Labial)
u पु ū पू
मूर्धन्य
(Retroflex)
पृ पॄ
दंत्य
(Dental)
पॢ पॣ
कंठतालव्य
(Palato-Guttural)
ê पॅ
कंठतालव्य
(Palato-Guttural)
e पॆ ē पे
कंठौष्ठ्य
(Labio-Guttural)
o पॊ ō पो
ज़ॊडस्वर
(Diphthong)
ai पै au पौ
  • हांतुं आनि हांगॆलॆं उच्चार आस्स आनि हांतुं आनि हांगॆलॆं।
  • कॊंकणिंतुं मस्तपटि हाज्जॆं ज़ात्ता। उदा. वृक्ष हॆ ऊत्रालॆं कॊंकणिंतुं रूक ज़ात्ता।
  • ॠ, ऌ आनि ॡ हांगॆलॆं प्रयोजन कॊंकणिंतुं ज़ायना।
  • अनुस्वार ं हॆं अरदॆं न्, म्, ङ्, ञ्, ण् खात्तिरि अन्यथा स्वरालॆं नासिकीकरण करूक ज़ात्ता। उदा. अङ्क-अंक, अञ्ज-अंज, अण्ड-अंड, अन्त-अंत, हाँव-हांव।
  • विसर्ग ः अघोष "ह्" (निःश्वास) खात्तिरि। हाज्जॆं तत्सम ऊत्रांतुं मात्र प्रयोजन करताति। उदा. दुःख
  • अवग्रह ऽ हाज्जॆं अंग्रजि अनुवाद apostrophe ज़ात्ता। दोन ऊत्र ज़ॊडताना माक्षिवॆलॆं ऊत्र स्वरनॆं सूरु ज़ात्त असलॆरि तॆं स्वर काडुक ज़ात्ता उदा. ज़ात्त + असलॆरि = ज़ात्तऽसलॆरि, वत्ता + आस्स = वत्ताऽस्स।

कॆदॊळ खंचॆय स्वरालॆं प्रयोजन ज़ायना, ताव्वळि थंय आस्स म्हुणु लॆकचॆं। स्वर नसलॆरि हलान्त हाज्जेनॆं दाक्कंवका, उदा. महान्।

व्यंजन[बदल]

स्पर्ष
(Stop)
अनुनासिका
(Nasal)
अंतस्थ
(Approximant)
ऊष्म/संघश्री
(Fricative)
Voicing अघोष घोष अघोष घोष
Aspiration अल्पप्राण महाप्राण अल्पप्राण महाप्राण अल्पप्राण महाप्राण
कंठ्य
(Guttural)
ka
/k/
kha
/kʰ/
ga
/ɡ/
gha
/ɡʱ/
ṅa
ŋ/
ha
/ɦ/
तालव्य
(Palatal)
ca
/c/
cha
/cʰ/
ja
/ɟ/
jha
/ɟʱ/
ña
/ɲ/
ya
/j/
śa
/ɕ, ʃ/
मूर्धन्य
(Retroflex)
ṭa
/ʈ/
ṭha
/ʈʰ/
ḍa
/ɖ/
ḍha
/ɖʱ/
ṇa
/ɳ/
ḷa
/ɺ/
ṣa
/ʂ/
ra
/r/
दंत्य
(Dental)
ta
/t̪/
tha
/t̪ʰ/
da
/d̪/
dha
/d̪ʱ/
na
/n/
la
/l/
sa
/s/
औष्ठ्य
(Labial)
pa
/p/
/pʰ/}} ba
/b/
bha
/bʱ/
ma
/m/
va
/ʋ/
अन्य स्वर
च़ tsa
/ t͡ʃ/
ज़ dza
/d͡ʒ/
झ़ dzha
/d͡ʒʱ/
फ़ fa
/f/

उदाहरणाक वाक्य[बदल]

कॊंकणि ऎकळॆं भारतीय भास आस्स। कॊंकणि च़डावत गॊंय, कर्नाटक, कॆरळ आनि महाराष्ट्रांतुं उल्लयताति।

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